सुंदर कथा ६० (श्री भक्तमाल – श्री भीम कुम्हार और उसकी पत्नी) Sri Bhaktamal – Bhim kumhar aur patni

दक्षिण में वेंकटाचल (तिरुपति बालाजी )के समीप कूर्मग्राम में एक कुम्हार रहता था । उसका नाम था भीम । वह भगवान का बड़ा भक्त था । साधारण लोगों की उसकी भाव – भक्तिका कुछ भी पता नहीं था । परन्तु अन्तर्यामी वेंकटनाथ उसकी प्रत्येक सेवा बड़ी प्रसन्नताके साथ स्वीकार करते थे । कुम्हार और उसकी पत्नी दोनों भगवान् श्री निवास के अनन्य भक्त थे । इन्हीं दिनों भक्तप्रवर महाराज तोण्डमान प्रतिदिन भगवान् श्रीनिवासकी पूजा सुवर्णमय कमल  पुष्पों से किया करते थे । एक दिन उन्होंने देखा, भगवानके ऊपर मिट्टीके बने हुए कमल तथा तुलसीपुष्प चढ़े हुए हैं ।

इससे विस्मित होकर राजाने पूछा -भगवान् ! ये मिट्टी के कमल और तुलसीपुष्प चढ़ाकर कौन आपकी पूजा करता है ? भगवान ने कहा -कूर्मग्राम मे एक कुम्हार है, जो मुझ मे बड़ी भक्ति रखता है । वह अपने घरमें बैठकर मेरी पूजा करता है और मैं उसकी प्रत्येक सेवा स्वीकार करता हूँ ।राजा तोण्डमान के हदय मे भगवद्भक्तों के प्रति बड़े आदर का भाव था । वे उस भक्तशिरोमणि कुम्हारका दर्शन करनेके लिये स्वयं उसके घरपर गये । राजाको आया देख कुम्हार उन्हें प्रणाम करके हाथ जोड़कर खड़ा हुआ ।

राजा ने कहा -भीम ! तुम अपने कुलमें सबसे श्रेष्ठ हो, क्योंकि तुम्हारे हदय मे भगवान् श्रीनिवास के प्रति परम पावन अनन्य भक्तिका उदय हुआ है । मैं तुम्हारा दर्शन करने आया हूँ । बताओ, तुम भगवानकी पूजा किस प्रकार करते हो ? कुम्हार बोला – महाराज ! मैं क्या जानूँ के भगवान की पूजा कैसे की जाती है ? भला, आपसे किसने कह दिया कि कुम्हार पूजा करता है ? राजा ने कहा – स्वयं भगवान् श्रीनिवासने तुम्हारे पूजन की बात बतायी है । राजाके इतना कहते ही कुम्हारकी सोयी हुई स्मृति जाग उठी । 

वह बोला – महाराज ! पूर्वकाल मे भगवान् वेंकटनाथ ने मुझे वरदान दिया था कि जब तुम्हारी की हुई पूजा प्रकाशित हो जायगी और जब राजा तोण्डमान तुम्हारे द्वारपर आ जायँगे तथा उनके साथ तुम्हारा वार्तालय होगा, उसी समय तुम्हें परमधामकी प्राप्ति होगी । उसकी यह बात जैसे ही पूर्ण हुई ,उसी समय ही आकाश से एक दिव्य विमान उतर आया । उसके ऊपर साक्षात् भगवान् विष्णु विराजमान थे । कुम्हार और उसकी पत्नीने भगवान को प्रणाम करते हुए प्राण त्याग दिये तथा राजाके देखते – देखते वे दोनों दिव्य रुप धारण करके विमानपर जा बैठे । विमान उन्हें लेकर परम धाम वैकुण्ठ को चला गया ।

एक उत्तर दें

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  बदले )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out /  बदले )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  बदले )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  बदले )

w

Connecting to %s