Karshni guru swami sharnanand ji vrindavan

Sri Udasin karshni ashram. Raman bihari mandir, Purani gokul, Mahaban ,Ramanreti ,Mathura,UP. Phone :05661274225

28 thoughts on “Karshni guru swami sharnanand ji vrindavan

  1. बाबा सुखदेव सिंह खालसा कहते हैं:

    महाराज जी को मेरा प्रणाम।
    महाराज जी मैं एक सिख प्रचारक हूं। आपके प्रवचन सुनने से बहुत प्रभावित हुआ हूं। क्या मैं भी हिन्दू धर्म का प्रचार कर सकता हूं। महाराज जी शरण में ले लीजिए।

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  2. विनोद कुमार अरूण कहते हैं:

    हम महाराज गुरू जी से दीक्षा लेना चाहते है कृपया विस्तार पूर्वक जानकारी देने की कृपा करें।
    धन्यवाद।
    सद-गुरूदेव
    🙏

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  3. Sundarrajan t s कहते हैं:

    Is it possible for me to come and stay in ashram for 2 months to do sadhana. I have left my job as administrator in Mumbai college. Trying to spend my life in sadhana for 2 months in diff places like kashi, kanchi, brindhavan-mathura-Gojul, narmada banks etc. Kindly reply. Sundarrajan 9869063276 my mobile. Pranams to swamiji.

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  4. Sundarrajan t s कहते हैं:

    Is it possible for me to come and stay in ashram for 2 months to do sadhana. I have left my job as administrator in Mumbai college. Trying to spend my life in sadhana for 2 months in diff places like kashi, kanchi, brindhavan-mathura-Gojul, narmada banks etc. Kindly reply. Sundarrajan 9869063276 my mobile. Pranams to swamiji.

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  5. DEEPAK कहते हैं:

    सबसे पहले गुरु के पावन चरणों में कोटि कोटि नतमस्तक प्रणाम जय माता दी जय गौ माता की आज हिंदुस्तान में गोवंश के हालात बहुत खराब है और आप सब बी जानते हैं जब तक हिंदुस्तान में गोवंश को राष्ट्रीय माता का दर्जा दिया नहीं जाता और तब तक हम गौ वंश को नहीं बचा सकते और ये सब आप जैसे संत महात्माओं के साथ से ही हम हिंदुस्तान में गोवंश को राष्ट्रीय माता का दर्जा दिला सकते है प्लीज हेल्प करो जय गौ माता की

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  6. Anil kumar tiwari कहते हैं:

    मेरे मन में भटकाव है ,घर परिवार व्यवसाय, मित्र, रिश्तेदार, सभी से संम्बंध स्वयं काटता ही जा रहा हूं, एकांत स्थान में प्राकृतिक वातावरण मे रहना चाहता हूँ, ये भीडभाड शोर गुल, दौलत कमाने मे एक दूसरे को कुचलकर आगे बढने वालों से दूरी ,असत्य और बेईमानी, लोभी ,पयावरण को बिगाड़ने वालों के साथ कैसे जीवन व्यतीत करू,मोह बंधन से कैसे पार पाऊ, मैं कैसे आपकी कृपा शरण पाऊ, मुझे स्वीकार कर मुझे शांत करें, मुझे दीक्षा दे आदेश दे अपनी शरण मे लेकर मुझे धन्य करें।दण्डवत प्रणाम।

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